मुक्केबाज़ी
पैच नोट्स फॉर द रिंग: भारत का पेरिस ज़ीरो स्कोरबोर्ड में नहीं, एंट्री लिस्ट में लिखा था
आधा किलो की सियासत: वेट क्लास बदलने पर भारत में नौकरी और ब्रिटेन में फंडिंग बदलती है
पेरिस का खाली खाता गिरावट नहीं, किलो की गणित है: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली ट्रांसफर विंडो अप्रैल में खुलती है
मुक्केबाजी का असली ट्रांसफर विंडो रिंग में नहीं, रजिस्ट्रेशन की तारीख में खुलता है
भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफर: खिलाड़ी नहीं बदलते, भार वर्ग बदलते हैं
मुक्केबाजी का असली ट्रांसफर विंडो रिंग में नहीं, रजिस्ट्रेशन की तारीख में खुलता हैरिंग के बाहर एक कागज़ होता है जिस पर तीन कॉलम छपे होते हैं — नाम, भार वर्ग,...
भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफर: खिलाड़ी नहीं बदलते, भार वर्ग बदलते हैंमई 2026 में बैंकॉक में जो आख़िरी विश्व क्वालिफाइंग टूर्नामेंट हुआ, उसने भारत ...
71 किलो का वह क्वार्टरफाइनल और उससे पहले का दो साल: पेरिस में भारतीय मुक्केबाज़ी का शून्य कहाँ से आयातीन अगस्त 2026, नॉर्थ पेरिस एरिना। पुरुषों का 71 किलो क्वार्टरफाइनल, निशांत द...
एक कोटा, दो जीत: भारतीय मुक्केबाज़ी के चार साल का हिसाबजून 2026, बैंकॉक का हुआमार्क इंडोर स्टेडियम। दूसरे विश्व क्वालिफिकेशन...
भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफर विंडो रेलवे और सर्विसेज़ के दफ़्तरों में खुलता हैपुणे के किरकी में सर्विसेज़ की सिलेक्शन ट्रायल की एक शीट मेरे हाथ लगी थी —...
पैच नोट्स फॉर द रिंग: भारत का पेरिस ज़ीरो स्कोरबोर्ड में नहीं, एंट्री लिस्ट में लिखा थापेरिस 2026 की इंट्री लिस्ट में निकहत ज़रीन का नाम 50 किग्रा के सामने दर्ज था।...
आधा किलो की सियासत: वेट क्लास बदलने पर भारत में नौकरी और ब्रिटेन में फंडिंग बदलती हैआधा किलो। 63.5 किलोग्राम। टोक्यो ओलंपिक में पुरुषों का यह भार वर्ग 63 किलो था...
पेरिस का खाली खाता गिरावट नहीं, किलो की गणित है: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली ट्रांसफर विंडो अप्रैल में खुलती है24 नवंबर 2026, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली। 48 किलो के फाइनल में...
तराजू पर हार: भारतीय मुक्केबाज़ी में रिंग तक पहुँचने का फैसला वज़न करता हैभोपाल के साई इनडोर हॉल में सुबह सात बजे डिजिटल तराजू लगाया गया। कतार में ग्या...
